क्या फैलोपियन ट्यूब में हाइड्रोसालपिनक्स होता है? हाइड्रोसालपिनक्स एक प्रकार का यौन संचारित रोग है। हाइड्रोसालपिनक्स एक ऐसी स्थिति है जिसमें फैलोपियन ट्यूब अवरुद्ध हो जाती है, जिसके परिणामस्वरूप द्रव का संग्रह होता है। फैलोपियन ट्यूब अंडाशय को गर्भाशय से जोड़ती है। इसलिए, फैलोपियन ट्यूब में कोई भी रुकावट महिला प्रजनन प्रणाली के सामान्य कामकाज को बाधित कर सकती है। यदि दोनों फैलोपियन ट्यूब प्रभावित होते हैं, तो इस स्थिति को हाइड्रोसैल्पिंग के रूप में जाना जाता है। फैलोपियन ट्यूब गर्भावस्था के दौरान डिम्बग्रंथि के अंडे (ओवा) को गर्भाशय तक पहुंचाने के लिए जिम्मेदार होते हैं। इसलिए अवरुद्ध फैलोपियन ट्यूब…
मोटापा कैसे कम करें – Motapa kam karne ke Upay मोटापा को कम करना बेहद मुश्किल होता है। यह न केवल शरीर पर भारी पड़ सकता है, बल्कि यह कई स्वास्थ्य चुनौतियों का भी सामना कर सकता है। जहां तक पेट की चर्बी का सवाल है, यह जिद्दी आंत की चर्बी का एक समूह है, जो बहुत खतरनाक है। पेट की चर्बी को कम करने के लिए कठोर प्रयास, आहार में बदलाव और गहन कसरत दिनचर्या की आवश्यकता होती है। आपकी जीवनशैली आपके वजन को प्रबंधित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। यहां कुछ बदलाव दिए गए हैं जिन्हें आपको…
प्रेगनेंसी के पहले तीन महीनों में क्या खाना चाहिए और क्या नहीं – डॉ चंचल शर्मा | Pregnancy First Trimester Diet Chart in Hindi आज के इस विशेष अंक में गर्भवती महिलाओं के लिए लेख के माध्यम से प्रस्तुत है डॉ चंचल शर्मा की विशेष वार्ता। जिसमें उन्होंने बताया है। कि गर्भधारण करने के बाद महिलाओं के क्या खाना चाहिए (प्रेगनेंसी के लिए डाइट) और क्या नही खाना चाहिए । जिससे उनकी होने वाली संतान की सेहत बेहतर हो । आशा आयुर्वेदा में आने वाली अधिकांश महिलाओं के डॉ चंचल शर्मा से यही सवाल होते है। कि हमने गर्भधारण कर…
प्रेगनेंसी डाइट चार्ट – डॉ चंचल शर्मा | Pregnancy Diet chart in Hindi (Pregnancy Diet chart) स्वस्थ आहार गर्भवती माँ और गर्भस्थशिशु दोनों के लिए महत्वपूर्ण है। क्योंकि गर्भावस्था के दौरान गर्भवती महिला जो खाती और पीती है वह उसके बच्चे के पोषण का मुख्य स्रोत है। आशा आयुर्वेदा के डाइट विशेषज्ञ सलाह देते हैं। कि होने वाली मां के आहार में विभिन्न प्रकार के स्वस्थ खाद्य पदार्थ और पेय पदार्थ शामिल होने चाहिए। ताकि बच्चे के विकास के लिए आवश्यक महत्वपूर्ण पोषक तत्व प्रदान किए जा सकें। यहां स्वस्थ गर्भावस्था आहार (Pregnancy Diet chart) के बारे में कुछ सुझाव दिए…
नपुसंकता | Erectile Dysfunction in Hindi – Dr. Chanchal Sharma नपुसंकता (इरेक्टाइल डिसफंक्शन) सीधे हमारे हार्मोन और मूड को प्रभावित करता है और एक व्यक्ति की मर्दानगी की भावना को भी प्रभावित करता है। इससे Couples के रिश्ते में दरार आ जाती है। भारत में sex के बारे में बात करना आज एक बड़े कलंक के रूप में देखा जाता है। तथ्य यह है कि ज्यादातर लोग अपनी कामुकता या चिंताओं के बारे में खुलकर बात करने के लिए घबराते हैं। वर्तमान भयावह वातावरण ने न केवल कई लोगों के मानसिक स्वास्थ्य बल्कि व्यक्तियों की यौन स्वास्थ्य समस्याओं को भी…
प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) के लक्षण, कारण और उपचार – PMS Causes, Symptoms and Ayurvedic Treatment in Hindi प्रीमेंस्ट्रुअल सिंड्रोम (PMS) महिलाओं में मासिक धर्म के दौरान होने वाले लक्षणों का एक संयोजन है जो कई महिलाओं को पीरियड्स से लगभग एक या दो सप्ताह पहले होता है। 90% से अधिक महिलाओं का कहना है कि उन्हें मासिक धर्म से पहले के कुछ लक्षण दिखाई देते हैं, जैसे कि सूजन, सिरदर्द और स्वभाव में बदलाव देखने को मिलता है। कुछ महिलाओं के लिए, ये लक्षण इतने गंभीर हो सकते हैं कि वे काम या ऑफिस जैसे महत्वपूर्ण कार्य पीरियड़्स के दौरान…
महिमा को ओवेरियन सिस्ट होने के बाद भी कैसे संभव हुई प्रेगनेंसी – Mahima’s Success Story महिमा नये जमाने की पढ़ी लिखी शादीशुदा working women है। इनकी शादी को 8 वर्ष बीत चुके थे। परंतु अभी तक महिमा मातृत्व सुख से कोसों दूर थी। क्योंकि शादी के बाद से ही महिमा और उनके पति दोनों बेबी प्लान करने की कोशिश कर रहे थे। परंतु वह उसमें असफल रहें और उन्होंने इसके लिए बहुत सारे डॉक्टर्स को दिखाया भी । जिसमें पता चला की महिमा को ओविरयन सिस्ट की समस्या है। जिससे चलते वह माँ बनने में असफल हो रही है। …
Asthma in Hindi – अस्थमा (दमा) के कारण, लक्षण व आयुर्वेदिक उपचार आयुर्वेद में अस्थमा होने का कारण दोष असंतुलित (दोष कुपित) को बताया गया है। क्योंकि जब कफ, पित्त और वात दोष का संतुलन बिगड़ जाता है। ऐसे में व्यक्ति को सुखी खांसी आने लगती है , गले से सीटी के जैसे आवाज निकलने लगती है। मरीज की त्वचा में रुखापन आने लगता है , चिड़चिड़ाहट की समस्या होने लगती है। अस्थमा (Asthma) की समस्या के चलते मरीज कब्ज और चिंता का शिकार भी हो जाता है। जोकि स्वास्थ्य के लिए खतरा हो सकता है। अस्थमा के उपचार के…
शीतपित्त (पित्ती) के लक्षण, कारण और आयुर्वेदिक उपचार – Hives in Hindi शीतपित्त या पित्ती एक एक प्रकार के त्वचा की समस्या है। जो मुख्य रुप से आँख, होठ. गाल, हाथ, पैरों में देखने को मिलती है। पित्ती एक बहुत ही सामान्य त्वचा रोग है। जिसके चकत्ते आकार में बड़े या फिर छोटे भी हो सकते हैं। इन चकत्तों का रंग लाल होता है और यह देखने में उभरे हुए दिखाई देते है। आपने एलर्जी जैसा शब्द तो सुना ही होगा। यह उसी से संबंधित है। क्योंकि जिस व्यक्ति को जिस चीज से एलर्जी होती है। और ऐसे में वह…