जल्दी प्रेग्नेंट होने के उपाय – Fast Pregnancy Tips in Hindi परिवार में किसी नए सदस्य का आना सबसे ज्यादा खुशी का पल होता है। खासतौर पर एक महिला के लिए दुनिया का सबसे प्यारा अहसास होता है जब वह मां बनती है। लेकिन अधिकतर महिलाओं की जिंदगी में इस खुशी में खलल आ जाती हैं। आजकल की महिलाएं Fast Pregnancy के लिए कितने जतन करती है। लेकिन कोई भी सफलता नहीं मिल रही है। प्रेग्नेंसी का प्रयास करने वाली महिलाओं के नमन में अक्सर जल्दी प्रेग्नेंट होने के उपाय को लेकर कई सवाल रहते हैं। महिलाओं को इसकी पूरी…
जायफल के फायदे और नुकसान – Jaiphan ke Fayde or Nuksan हमारे देश में मसालों का बहुत महत्व होता है। खानपान से लेकर स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को मसालों का प्रयोग किया जाता है। ऐसे ही भारतीय मसालों में शामिल जायफल (Nutmeg) आयुर्वेदिक हर्ब भी हो जो अपनी खास महक और स्वाद के लिए जाना जाता है। लगभग हर घर में पाया जाने वाला यह मसाला न सिर्फ खाने के स्वाद को बढ़ा सकता है बल्कि औषधीय गुणों से भी भरपूर होता है। जायफल का इस्तेमाल ना सिर्फ मासले के रुप में किया जाता है बल्कि बच्चों की मालिश के लिए…
दालचीनी के फायदे और नुकसान – Dalchini ke Benefits or Nuksan भारत में खाना अपने सुगंधित मसालों के लिए जाने जाता हैं। प्रचीन काल से ही मसाले भारतीय खानपान पर विशेष रूप से अपना प्रभाव डालते है जिसकी खूशबू कई दिनों तक बनी रहती है। लेकिन यह मसाले सिर्फ अपने स्वाद के लिए ही नहीं बल्कि अपने औषधीय गुणों के मामले में भी काफी जाने जाता हैं।अपने दालचीनी का नाम तो जरुर सुना ही होगा। आमतौर पर लोग दालचीनी का इस्तेमाल सिर्फ मसालों के रुप में करते है, क्योंकि उनको इसके फायदे के बारे में पता ही नहीं होता है।…
इलायची के फायदे और नुकसान : Cardamom (Elaichi) Benefits and Side Effects in Hindi हमारी रसोई में पाये जाने वाले मासले और हर्बस कितने फायदेमंद होते है। खाने पीने की कोई भी डिश में अच्छी खुशबू लाने के लिए हम सभी इलायची (Cardamom) का ही इस्तेमाल किया जाता हैं। आमतौर पर इसका उपयोग आयुर्वेदिक जड़ी-बूटी के रूप में अनेक स्वास्थ्य समस्याओं का इलाज करने के लिए भी किया जाता है। इलायची के गुण सर्दी-खांसी, पाचन से जुड़ी समस्याएं, उल्टी, मूत्र से जुड़ी समस्याएं आदि के उपचार में बहुत कारगर है। इस लेख में हम आपको इलायची के फायदे और नुकसान…
PCOD in Hindi: पॉली सिस्टिक ओवरी डिसऑर्डर या PCOD हिन्दी में हमारी बदलती जीवनशैली और खानपान के वजह से हम कई बिमारियों कि चपेट में आने लगे हैं। इन दिनों बदलती लाइफस्टाइल और पोषण संबंधी कमी से युवा वयस्कों में पीसीओडी (PCOD) के बढ़ते फैलाव का सीधा संबंध हो सकता है। व्यायाम की कमी, वजन बढ़ना और मोटापा चयापचय असंतुलन को जन्म देता है, जैसे कि इंसुलिन प्रतिरोध, जो भारतीय आबादी में अधिक है। एक रिपोर्ट के मुताबिक विश्व स्तर पर लगभग 10 मिलियन लोग पीसीओडी से प्रभावित हैं। दुनिया भर में 2.2 प्रतिशत से 26 प्रतिशत तक महिला पीसीओडी…
फाइब्रॉइड ट्रीटमेंट: बच्चेदानी की गांठ के लक्षण, कारण आयुर्वेदिक इलाज – Fibroid in Hindi बदलते समय के साथ महिलाओं के स्वास्थ्य समस्याएं भी तेजा से बढ़ रही हैं। जैसे-जैसे उम्र बढ़ती है तो उनकी समस्याएं भी बढ़ती हैं। हार्मोनल बदलाव से अनियमित पीरियड्स की शिकायत, कमजोरी के कारण उनमें थकान और चिड़चिड़ापन होना, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज और हाइपरटेंशन की तकलीफ होती है। खराब जीवनशैली और बदलते खानपानके कारण महिलाओं में पीसीओडी और रसौली (Fibroids) एक आम समस्या बनती जा रहा है। रसौली में ऐसी गांठ होती है जो महिला के गर्भाशय में होता हैं। ऐसा माना जाता है कि 5…
काले तिल और गुड़ का इस्तेमाल करके पाए इनफर्टिलिटी की समस्या से छुटकारा भारत में आज इनफर्टिलिटी एक महामारी का रूप ले रही है। रेगुलर एलोपैथिक इलाज में आक्रामक प्रक्रियाएं शामिल होती हैं, जो दर्दनाक और महंगी होती हैं। 10 से 15 प्रतिशत कपल को इनफर्टिलिटी की समस्या से जूझना पड़ रहा है। जब सब रास्ते बंद हो जाते है तब आयुर्वेद ही नजर आता है। यह आयुर्वेद का एक रूप है, जिसमें सौम्य उपचार है। आयुर्वेद शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक पहलुओं पर ध्यान केंद्रित करके प्रजनन प्रणाली (Reproductive Health) के साथ काम करता है। यह प्राकृतिक तरीकों पर आधारित…
प्रेगनेंसी में अलसी खाने के फायदे व नुकसान | Pregnancy me Alsi Khane ke Fayde or Nuksan प्रेगनेंसी में अलसी खाने के फायदे व नुकसान: हर महिला के जीवन में गर्भावस्था एक महत्वपूर्ण क्षण होता है। इस दौरान अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखना बेहद जरूरी होता है। प्रेगनेंसी प्लान करते वक्त हमारे डाइट और लाइफस्टाइल को ध्यान रखना बेहद जरुरी है। डाइट की बात करें तो हम हर रोज जो खानपान में ले रहे है उसमें बदलाव करना चाहिए। इससे शरीर में होने वाले त्रिदोष (वात, पित्त, कफ) से बच सकते है जो गर्भपात का कारण बन सकता है। साथ…
फर्टिलिटी समस्या का समाधान: Castor oil ke Fayde इस्तेमाल और नुकसान भारत में पिछले कई सालों से इनफर्टिलिटी की समस्या सिर्फ महिला में ही नहीं पुरुषों में भी देखी गई है। पहले यह समस्या 35 से 40 साल की उम्र में देखी जाती है। लेकिन अब यह समस्या 25 से 30 साल की उम्र में कपल को देखनी पड़ रही है। इस कारण से भारत में फर्टिलिटी रेट लगातार कम हो रही है। एक रिसर्च के मुताबिक 10 से 15 प्रतिशत कपल में फर्टिलिटी से संबंधी समस्या देखने को मिलती है। आज इस आर्टिकल में हम अरंडी के तेल (Castor oil…